सात दिन में मालन नदी में डूब गये दो करोड़
पानी का सैलाब कैसे बहा ले गया नये अस्थाई ह्यूम पुल को
मालन व खोह नदी के पुल टूटने से दर्जनों गांव प्रभावित
कोटद्वार। शहर और भाबर को जोड़ने वाला मालन नदी पर बना अस्थाई ह्यूम पाइप पुल भी भारी बरसात में बह गया। भाबर से कोटद्वार को जोड़ने वाला यह पुल 13 जुलाई को टूट गया था। इसके बाद लगभग दो करोड़ की लागत से ह्यूम पुल का निर्माण किया गया था। इस पुल पर 4 अगस्त को ही वाहन चलने शुरू हुए थे। लेकिन बुधवार की बरसात में यह पुल भी टूट गया। पुल पर कार्य कर रहे कई मजदूर भी फंस गये थे। इन मजदूरों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

लोगों के घरों में मलबा घुसने से अफरा तफरी मची हुई है। भू स्खलन से कोटद्वार-पौड़ी राजमार्ग भी कई जगह से बाधित जो रखा है। पुलिस प्रशासन के अलावा विभिन्न दल व सामाजिक संगठन राहत कार्य में जुटे हैं। मालन नदी पर बने ह्यूम पाइप पुल निर्माण को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय निवासी अजय कुकरेती नर ह्यूम पुल की जगह कल्वर्ट तकनीक से पुल बनाने की बात कही है। उनका कहना है कि रानीपोखरी में भी ह्यूम पुल का प्रयोग असफल साबित हुआ था।
