उत्तराखंडक्राइम

ऑनलाइन गेमिंग में मुनाफे का झांसा देकर 1.77 करोड़ की ठगी, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के जरिए कम रकम लगाकर ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच देकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में उत्तराखंड एसटीएफ ने राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में शिकायतकर्ता से कुल 1 करोड़ 77 लाख 53 हजार 960 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। जांच के दौरान ठगी की रकम में से करीब 14 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने YouTube पर ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट Winadda का विज्ञापन देखा था। इसके बाद कुछ अज्ञात लोगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से WhatsApp के जरिए संपर्क किया और कम निवेश में ज्यादा रिटर्न का लालच देकर उसे रकम लगाने के लिए प्रेरित किया।

शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2025 के दौरान अलग-अलग लेनदेन के जरिए उससे कुल ₹1,77,53,960 की धोखाधड़ी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान एसटीएफ ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और उनमें हुए पैसों के लेनदेन की पड़ताल की। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से लगभग 14 लाख रुपये एक संदिग्ध बैंक खाते में जमा हुए थे। जांच में यह भी सामने आया कि इसी खाते में महज चार महीने के भीतर करीब 95 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ।

बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने खाते के धारक की पहचान 41 वर्षीय किशोर पुत्र मदन लाल के रूप में की।

एसटीएफ टीम ने कार्रवाई करते हुए किशोर को राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, जांच में मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले में साइबर ठगी के नेटवर्क और पैसों के लेनदेन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

उत्तराखंड एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, निवेश या कम समय में अधिक मुनाफे का दावा करने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट पर भरोसा न करें। किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने या पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।